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Chamoli tourist place उत्तराखण्ड के चमोली जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल

चमोली डिस्ट्रिक की सीमा एक ओर चीन व तिब्बत से लगती है तथा उत्तराखण्ड की तरफ उत्तरकाशी रूद्रप्रयाग पौडीगढवाल अल्मोडा बागेश्वर और पिथौरागढ जिले की सीमा से लगती है। chamoli tourist place चमोली नगर जिला है परन्तु इस जिले का मुख्यालय गोपेश्वर है। चमोली क्षेत्रफल के हिसाब से उत्तराखण्ड का सबसे बडा जिला है । चमोली जिला का क्षेत्रफल 8032 वर्ग किलोमीटर है। खुबसूरती व धार्मिक दृष्टि से यह जिला काफी महत्पूर्ण है। यहां पर कई प्रसिद्ध धार्मिक व दर्शनीय स्थल है । जिनमें प्रमुख है:- बद्रीनाथ, फूलो की घाटी, हेमकुंड साहिब, नंदा देवी नेशनल पार्क, विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर, चमोली तथा भारत का आखरी सीमांत गांव माना भी चमोली जिले मे

Chamoli tourist place
चमोली जिले के सुंदर दृश्य

बद्रीनाथ:-

आकाश की बुलंदियो को छुते नर और नारायण पर्वत की गोद में बसे आदितीर्थ बद्रीनाथ धाम न सिर्फ श्रद्धा व आस्था का अटूट केंद्र है बल्कि अद्धितीय प्राकृतिक सौंदर्य से भी पर्यटको को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह हिन्दुओ के चार प्रमुख धामो में से एक है। भगवान नारायण के वास के रूप मे जाना जाने वाला बद्रीनाथ भी आदि शंकराचार्य की कर्मस्थली रहा है। चारो ओर से पहाडियो से घिरा यह शहर मंदिरो से अलंकृत है। ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान विष्णु ने घोर तप किया था और उन्हें प्रकृति के कोप से बचाने के लिए माता लक्ष्मी देवी ने बद्री वृक्ष का रूप धारण किया था । मंदिर के पास गर्म पानी के जल कुंड सैकडों किलोमीटर की सफर की थकान को पलभर मे मिटा देते  है। यह गर्म पानी के कुंड कुदरत की एक अदभुत देन है। इन जल कुंडो को तीन चार कुंडो में विभक्त किया गया है। यह पानी सल्फर युक्त है। यहां पर भगवान विष्णु का एक भव्य मंदिर है। यह मंदिर स्थापत्य कला का अनूठा नमूना है। इसमें भगवान विष्णु के अलावा अन्य कई देवी देवताओ की मूर्तियां भी स्थापित है। यह तीर्थ स्थल होने के साथ साथ एक सुंदर पर्यटन स्थल भी है ।

Chamoli tourist place information in Hindi

Utrakhand tourist place in chamoli district

Badrinath in chamoli district

Chamoli tourist place in utrakhand
Hemkhund in chamoli district

हेमकुंड साहिब:- फूलों क़ी घाटी से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर एक विशाल झील है। यहां पर सिक्खों का एक बहुत बडा गुरूद्धारा भी है जहां पर लंगर चलती रहती है। यहां पर सिक्खों के अलावा अन्य धर्मो के लोग भी आते है। हेमकुंड साहिब अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है।

 

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घांगरिया:- हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी के मार्ग पर स्थित है। यहां पर रहने व खाने पीने की पर्याप्त सुविधाएं है।

Chamoli tourist place
चमोली जिले के सुंदर दृश्य

गोविंदघाट:- यह स्थल जोशीमठ से 15किमी की दूरी पर स्थित है। यह पर्यटन स्थल फूलों की घाटी व हेमकुंड झील का प्रवेशद्धार भी है। यहां पर एक बहुत बडा गुरूद्धारा भी है जहां पर लंगर मे यात्रियों के लिए खाने पीने की सुविधा रहती है।

Chamoli tourist place

फूलों की घाटी:- मैदानी इलाको में जब सूरज का गोला बेतरह आग बरसाने लगता है तब इस मनोरम घाटी मे असंख्य प्राकृतिक फूलों की बहार महकती है। इन दिनों देश विदेश से सैलानी यहां आते है। और कुदरत के दिलकश नजारों मे खो जाते है । यह घाटी आज भी उतनी ही चितचोर है जितनी पहले थी। प्राचीन ग्रंथों मे नंदनकानन व गंधमादन नाम से इस घाटी का जिक्र आया है। लेकिन दुनिया को इस घाटी के बारे मै तब पता चला जब प्रसिद्ध ब्रिटिश पर्वतरोही फ्रैंक स्माइथ यहां आया था। वह 1931 मे गढवाल मे कामेट चोटी पर पर्वतरोहण करके लौटते समय रास्ता भटक गया और एक ऐसी घाटी मे पहुच गया जहां फूलों का समुंदर लहरा रहा था । यहां पर 260 प्रजातियों के फूल है इस रमणीक स्थल पर जाना भी ज्यादा मुश्किल नहीं है।

गोपेश्वर:- यह शहर चमोली जिले का मुख्यालय है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण (गोपेश्वर) अपने प्राचीन मंदिरो के लिए भी जाना जाता है। प्राचीन शिव मंदिर और वैतरणा कुंड यहां के प्रमुख मंदिर है।

पंचप्रयाग:- पंचप्रयाग के नाम से प्रसिद्ध पाँच अत्यन्त पवित्र संगम स्थलो के लिए उत्तरांचल जाना जाता है। उनमे से तीन प्रयाग चमोली जिले मे ही स्थित है। विष्णुप्रयाग- जोशीमठ से 12 किमी क़ी दूरी पर है यह अलकनंदा व धौलीगंगा संगम स्थल है। नंदप्रयाग- बद्रीनाथ मार्ग पर कर्णप्रयाग से 21 किमी की दूरी पर है यह अलकनंदा व नंदाकिनी संगम स्थल है। कर्णप्रयाग- यह चमोली से 23 किमी दूरी पर है कर्ण मंदिर और उमादेवी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

Chamoli tourist place

जोशीमठ:- चमोली जिले का यह एक खुबसूरत सीमांत शहर है। चमोली से लगभग 52 किमी तथा औली से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। ऐसी मान्यता है कि आदिगुरू शंकराचार्य ने इसे स्थापित किया था व यही एक पेड के नीचे दिव्य ज्योति के दर्शन किए थे । इसका पूर्व मे नाम ज्योतिमठ था जो बाद मै जोशीमठ हो गया । बद्रीनाथ का प्रवेशद्धार होने से भी इसका महत्व है। इसके अलावा यह फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब का भी प्रवेशद्धार है।

Chamoli tourist place औली:- बद्रीनाथ धाम के नंदादेवी नेशनल पार्क की गोद में स्थित औली बर्फ पर फिसलते रोमांच की एक स्वप्निल जगह है। यह शीतकालीन पर्यटन का प्रमुख आकर्षण केन्द्र है । यह घने जंगल पहाड व मखमली घास से आच्छादित मैदान और ढलानों से घिरा हुआ अत्यन्त मनोरम स्थल है । यही पर देश का सबसे आधुनिक आइस स्काइगं केंद्र भी स्थापित है। यहां से नंदादेवी, हाथी गौरी पर्वत, नीलकंठ ऐरावत पर्वत का नजारा बडा ही सुंदर व मनमोहक दिखाई पडता है।

चमोली कैसे पहुँचे:- Chamoli tourist place

हवाई मार्ग- चमोली के लिए निकटतम हवाई अड्डा जौलीग्रांट 221 किलोमीटर दूर है। रेल मार्ग- निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश 202 किलोमीटर है। सडक मार्ग-  चमोली सडक मार्ग से जुडा हुआ है।

 

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