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सी के नायडू की जीवनी – सी के नायडू भारतीय क्रिकेटर का जीवन परिचय

सी के नायडू की जीवनी – सी के नायडू भारतीय क्रिकेटर का जीवन परिचय

सी के नायडू का जन्म 13 अक्टूबर 1895 को नागपुर महाराष्ट्र में हुआ था। उनका पूरा नाम कोट्टारी कंकैया नायडू था। वे भारत के पहले टेस्ट कप्तान थे। वे भारत के पहले क्रिकेटर थे जिन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। 1933 में उन्हें विजडन द्वारा क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया। कर्नल कोट्टारी कंकैया नायडू को प्यार से सभी लोग सी के नायडू कहकर पुकारते थे। 1932 में इंग्लैंड के विरूद्ध खेले गए टेस्ट मैच में वे भारतीय टीम के कप्तान थे। यद्यपि इंग्लैंड की टीम उस समय पूरी तरह मजबूत थी लेकिन कोट्टारी कंकैया नायडू की कप्तानी में भारतीय टीम ने जमकर उनका मुकाबला किया। श्री कोट्टारी कंकैया नायडू ने आंध्रप्रदेश, केंद्रीय भारत, केंद्रीय प्रोविन्सेज एंड बरार, हिंदू होल्कर यूनाइटेड प्राविन्स तथा भारतीय टीमों के लिए क्रिकेट खेला।

सी के नायडू की बायोग्राफी इन हिन्दी




1932 में इंग्लैंड दौरे के दौरान नायडू ने प्रथम श्रेणी के सभी 26 मैचों में हिस्सा लिया, जिनमें 40.45 की औसत से 1618 रन बनाए और 65 विकेट लाए। अगले ही साल अर्थात 1933 में कोट्टारी कंकैया नायडू को विजडन द्वारा क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुन लिया गया। श्री नायडू का कद छः फुट से भी ऊंचा था। वे दाहिने हाथ के खिलाड़ी थे। उनकी शारिरिक बनावट एथलीट की भांति हष्टपुष्ट थी अतः अपने जोरदार स्ट्रोक और तेज हिट के कारण विरोधियों के खेल के दबाव को कम कर देते थे। 1926-27 में उन्होंने खासी लोकप्रियता प्राप्त की जब उन्होंने बम्बई में 100 मिनट में 187 गेंदों पर 153 रन बना दिए जिनमें 11 छक्के तथा 13 चौके शामिल थे। यह मैच हिंदू की टीम की तरफ से ए.ई.आर. गिलीगन की एम. सी.सी. के विरुद्ध खेल रहे थे।

सी के नायडू
सी के नायडू



कोट्टारी कंकैया नायडू के नाम किसी एक सीजन में इंग्लैंड में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी है। 1932 में कोट्टारी कंकैया नायडू ने कमाल का खेल दिखाते हुए 32 छक्के लगाए। यद्यपि कोट्टारी कंकैया नायडू का अंतरराष्ट्रीय कैरियर बहुत छोटा रहा। उन्होंने मात्र 7 टेस्ट मैच खेले लेकिन भारतीय क्रिकेट जगत में उन्होंने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा 1956 में पदमभूषण प्रदान किया गया, जो भारत का तीसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय पुरस्कार है। 14 नवंबर 1967 को इंदौर में सी के नायडू का देहांत हो गया।

खेल जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां



• सी के नायडू भारत के प्रथम टेस्ट कप्तान बने।
• कोट्टारी कंकैया नायडू को 1933 में विजडन द्वारा क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया।
• नायडू भारत के पहले क्रिकेटर थे जिन्हें सरकार द्वारा पदमभूषण 1956 मे देखकर सम्मानित किया गया।
• प्रथम श्रेणी के 26 मैचों में भाग लेकर उन्होंने 40.25 के औसत से 1618 रन बनाए।
• हिंदू की टीम की ओर से खेलते हुए मुम्बई में 1926-27 में उन्होंने 100 मिनट में 11 छक्के व 13 चौके लगाकर 153 रन बनाए।

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