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सिद्धबली मंदिर – सिद्धबली मंदिर का इतिहास – sidhbali tample kotdwar history in hindi

सिद्धबली मंदिर

उतराखंड के कोटद्वार कस्बे से लगभग 3किलोमीटर की दूरी पर कोटद्वार पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भव्य सिद्धबली मंदिर स्थित है । यह मंदिर खो नदी के किनारे पर स्थित लगभग 40मी ऊचे पहाड़ी टीले पर बना हुआ है । कोटद्वार को गढ़वाल का प्रवेश द्वार भी माना जाता है तथा यह सिद्धबली मंदिर पौड़ी गढ़वाल का प्रसिद्ध देव स्थल है । इसकी स्थापना के बारे में कहा जाता है कि यहाँ तप साधना करने के बाद एक सिद्ध बाबा को हनुमानजी की सिद्धि प्राप्त हुई थी । सिद्ध बाबा ने यहाँ बजरंगबली की एक विशाल पाषाणी प्रतिमा का निर्माण किया था । इससे इसका नाम सिद्धबली पड गया अथार्त् सिद्ध बाबा द्वारा स्थापित बजरंगबली । कहा जाता है कि बाद में ब्रिटिश शासन काल के एक खान मुस्लिम अधिकारी अपने घोड़े से कहीं जा रहे थे जैसे ही वह सिद्धबली के पास पहुँचे वह बेहोश होकर गिर गये उनको स्वपन हुआ की सिद्धबली की समाधि पर मंदिर की स्थापना की जायें। जब वह होश में आये तो उन्होंने आसपास के लोगों को अपने स्वपन के बारे में बताया ।

 

सिद्धबली मंदिर कोटद्धार के सुंदर दृश्य
सिद्धबली मंदिर कोटद्धार के सुंदर दृश्य

 

पौराणिकता और शक्ति की महत्वता के कारण श्रृदालुओ ने इसे भव्यता प्रदान कर दी है । इस मंदिर में हिन्दू मुस्लिम सिख सभी धर्म के लोग मनौतियां मांगने आते है। श्रद्धालु यहाँ भण्डारे का भी आयोजन करते है । राजमार्ग से मंदिर तक पहुँने के लिए खो नदी पर पुल बना है पुल पार करने पर  मंदिर का द्वार  बना द्वार से मुख्य मंदिर तक टीले पर सिढियां बनी है । द्वार के आसपास प्रसाद व चाय नाश्ते की दुकानें है । यहाँ प्रतिवर्ष श्रद्धालुओ द्वारा मेले का भी आयोजन किया जाता है

 कैसे पहुचे

ुकोटद्वार का अपना रेलवेस्टेशन व बस अड्डा है यहाँ से (सिद्धबली मंदिर)  तक पहुँचने के लिए बस व टैक्सियों द्वारा पहुँचा जा सकता है

जिम कार्बेट नेशनल पार्क

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