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लाहौल स्पीति – लाहौल स्पीति यात्रा – लाहौल स्पीति वैली – लाहौल स्पीति जिला

एक जिले के रूप में लाहौल स्पीति का अस्तित्व आजादी के बाद उस समय सामने आया था जब हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था। प्राचीन काल से ही लाहौल स्पीति घुमक्कडों. बौद्ध साधको, व्यापारियो और खोजियो को निमंत्रण देता आया है। प्राकृतिक प्रेमियो के लिए यह एक अछूती धरती है। यहा दूर दूर तक हरी भरी घाटियो, नदियो, झीलों, झरनो, हिमखंडो और मनमोहक पर्वतमालाओ को एक नजर में देखा जा सकता है। भौगोलिक दृष्टि से लाहुल और स्पिति बिल्कुल अलग है। लाहौल घाटी जहा विशाल चट्टानी पर्वतो के मध्य बसी है वही स्पिति ठंडा रेगिस्तान है जहा बारिश बहुत कम होती है। इसका मुख्यालय केलांग है।

लाहौल स्पीति के सुंदर दृश्य

लाहौल स्पीति के दर्शनीय स्थल – लाहौल स्पिति के पर्यटन स्थल

ताबो प्राचीन बौद्ध मठ

यह मठ गेलूकंपा सम्प्रदाय से संबंधित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3050 मीटर है। इसका निर्माण तिब्बत के शासक ए-शस्ओद ने 10वी शताब्दी में करवाया था। इस मठ को बनाने में पूरे 46 साल लगे थे। इस मठ के चारो ओर ऊंची दीवार है। इसमे 9 मुख्य कक्ष है जिनमे भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमाएं है। इस मठ के भित्तिचित्र अद्भुत और कला के बेजोड उदाहरण है। लाहुल स्पिति की यात्रा पर आने वाले अधिकतर पर्यटक इसके दर्शन के लिए जरूर आते है।

काजा

काजा समुद्र तल से 3660 मीटर की ऊचांई पर स्पिति नदी के बाई तरफ बसा है। काजा का त्रिमूर्ति मंदिर और बौद्ध मठ देखने लायक है। यहा आमतौर पर अॉक्सीजन कम मात्रा में पायी जाती है। इसलिए आपको सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

कुंजम दर्रा

समुद्र तल से कुंजम दर्रे की ऊंचाई 4551 मीटर है। यहा से छोटा शिगडी और बडा शिगडी ग्लेशियरों को साफ साफ देखा जा सकता है। बडा शिगडी ग्लेशियर एशिया का सबसे विशाल ग्लेशियर माना जाता है।

की गोंपा मठ

यह मठ काजा से 8 किलोमीटर ऊपर की ओर स्थित है। गेलुग्पा सम्प्रदाय से संबंधित यह मठ विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसमे 100 से भी अधिक कक्ष है जिनमे 300 से भी अधिक बौद्ध लामा रहते है।

लाहौल स्पीति के सुंदर दृश्य
लाहौल स्पीति के सुंदर दृश्य

केलांग

केलांग लाहौल स्पीति जिले का मुख्यालय है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3150 मीटर है। यहा बौद्ध और हिंदू धर्म के लोग मिलकर रहते है। यहा के सुंदर दृश्य पर्यटको का मन मोह लेते है।

धर्मशाला के पर्यटन स्थल

कुल्लू मनाली के दर्शनीय स्थल

ज्वाला देवी मंदिर कांगडा

लाहौल स्पीति कैसे जाएं

लाहौल घाटी के लिए आप कुल्लू मनाली और रोहतांग दर्रे वाले बस मार्ग से जा सकते है। जबकि स्पिति घाटी के लिए शिमला व किन्नौर होते हुए जाया जा सकता है। यदि आप पूरा लाहुल स्पिति देखना चाहते है तो आप मनाली, लाहौल घाटी, स्पीति घाटी, किन्नौर के रास्ते रास्ते शिमला पहुंचे या शिमला से किन्नौर, स्पिति, लाहौल, रोहतांग के रास्ते मनाली पहुंचे।

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