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मुरादाबाद का इतिहास – मुरादाबाद के दर्शनीय व आकर्षक स्थल

मुरादाबाद का इतिहास – मुरादाबाद के दर्शनीय व आकर्षक स्थल

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पश्चिमी भाग की ओर स्थित एक शहर है। पीतल के बर्तनों के उद्योग के लिए प्रसिद्ध, मुरादाबाद को अक्सर भारत के ‘ब्रास सिटी’ या ‘पीतल नगरी’ के रूप में जाना जाता है।
मुरादाबाद शहर, मुरादाबाद जिले का प्रशासनिक मुख्यालय और वाणिज्यिक और औद्योगिक राजधानी है। यह शहर रामगंगा के तट पर, गंगा नदी की सहायक नदी, के तट पर समुद्र तल से 286 मीटर की औसत ऊँचाई पर स्थित है। मुरादाबाद की भूमि गंगा की ओर अपने पश्चिम में एक सौम्य ढलान है। मुरादाबाद़ में हिंदी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेजी सबसे आम भाषाएं हैं। यह शहर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण शहर है। मुरादाबाद शहर कोई विशेष पर्यटन स्थल नहीं है। फिर भी मुरादाबाद में देखने लायक जगह, मुरादाबाद आकर्षक स्थलों में अनेक धार्मिक, ऐतिहासिक व मनोरंजन स्थल है। जिनकी आप सैर कर सकते है। आइए सबसे पहले मुरादाबाद के इतिहास, हिस्ट्री ऑफ मुरादाबाद के बारेें मे जान लेेेते हैै।

 

 

 

 

 

मुरादाबाद का इतिहास, हिस्ट्री ऑफ मुरादाबाद

 

Moradabad history – About moradabad history

 

 

मुरादाबाद़ का क्षेत्र विभिन्न राजवंशों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जैसे कि पांचला, नंदा, गुप्त, मौर्य, मुगल और मौखरी। अकबर के शासनकाल के दौरान, इसे चौपला परगना के कार्यालय के रूप में स्थापित किया गया था। 1624 में, संभल के गवर्नर रुस्तम खान ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया और इसे रुस्तम नगर नाम दिया गया। 1700 की शुरुआत में, यह रोहिलखंड राज्य का एक प्रांत बन गया। मुगल बादशाह शाहजहाँ के पुत्र, मुराद के नाम पर शहर का नाम मुरादाबाद़ रखा गया। अवध के नवाबों ने 1774-1800 तक इस क्षेत्र पर शासन किया। 1801 में, अंग्रेजों ने रोहिलखंड पर कब्जा कर लिया और इसे दो जिलों- बरेली और मुरादाबाद़ में विभाजित किया गया। 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहर भी विद्रोह का हिस्सा था। 19 वीं शताब्दी की शुरुआत में, ब्रिटिश ने लखनऊ, आगरा और बनारस जैसे भारत के अन्य हिस्सों के कारीगरों को आकर्षित करते हुए विदेशी बाजारों में पीतल के हस्तशिल्प का निर्यात करना शुरू किया। 1947 में भारत को अंग्रेजों से आज़ादी मिलने के बाद, मुरादाबाद़ जल्द ही उत्तर प्रदेश राज्य का हिस्सा बन गया। 1980 के दशक के दौरान, पीतल उद्योग में तेजी आई और इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र में लौह और एल्यूमीनियम उद्योग भी विकसित होने लगे।

 

 

 

मुरादाबाद आकर्षक स्थलों के सुंदर दृश्य
मुरादाबाद आकर्षक स्थलों के सुंदर दृश्य

 

 

 

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प्रेम वंडरलैंड (Prem wonderland)

 

प्रेम वंडरलैंड रामपुर रोड पर स्थित है। प्रेम वंडरलैंड एक आधुनिक मनोरंजन पार्क है। यहां बच्चों के लिए अनेक प्रकार की सवारी, और वाटर थीम पार्क है। फैमिली के साथ मस्ती भरा समय बिताने के यह उपयुक्त स्थान है।

 

 

सांई मंदिर ( Sai temple)

 

 

शहर के दीनदयाल नगर मे स्थित साई बाबा का मंदिर एक प्रसिद्ध मंदिर है। जैसा की आप सभी जानते है कि साईं बाबा में सभी धर्मों के लोगं आस्था रखते है। जिसके चलते यहां सभी धर्मों के श्रद्धालु आते है। बाबा के विशेष अवसरों पर यहां भव्य आयोजन भी किए जाते है।

 

 

 

वेव मॉल (wave malls)

 

 

शहर मे रामगंगा नदी के तट पर स्थित वेव मॉल यहां का एक प्रसिद्ध मॉल है। यहां आप ब्रांडेड समानों की शॉपिंग के साथ साथ वेव सिनेमा का भी आनंद ले सकते है। बच्चों के मनोरंजन लिए यहां कई प्रकार की सवारी भी उपलब्ध है।

 

 

 

जामा मस्जिद (Jama masjid)

 

 

मुरादाबाद़ के बकीपुर में स्थित, जामा मस्जिद मुसलमानों की पूजा करने के लिए एक पवित्र स्थान है और एक सुंदर इमारत है और इसे 1631 में बनाया गया था। हमसफर हॉल जामा मस्जिद के पास स्थित है जिसे मैरेज हॉल भी कहा जाता है। कहा जाता है कि रुस्तम खान ने 1631 ई। में इस मैरिज हॉल का निर्माण कराया था।

 

 

 

डीयर पार्क (Deer park)

 

 

प्रेम वंडरलैंड के पास स्थित हिरण पार्क, या इको-पार्क एक मनोरंजक स्थल है जो कई एकड़ वन भूमि में फैला हुआ है। यह पार्क बतख, हिरण और मगरमच्छ सहित कई जानवरों की प्रजातियों का घर है, और उनके संरक्षण की दिशा में काम करता है। आगंतुक पार्क की मानव निर्मित झील में पैडल बोट की सवारी का आनंद ले सकते हैं। पार्क में एक जॉगिंग ट्रैक भी है, जो 13 किमी तक फैला है।

 

 

 

 

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर (Shri Parshvanath Digambar jain temple)

 

 

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद़ शहर के केंद्र में स्थित है। यह मंदिर भगवान पार्श्वनाथ की मूर्तियों का घर है। भगवान पार्श्वनाथ राजा अश्वसेन के पुत्र थे और वाराणसी में पैदा हुए थे। मंदिर जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर की स्मृति में बनाया गया है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति उनकी मृत्यु के वर्षों बाद एक स्थानीय कुएं से बरामद की गई थी।

 

 

 

हनुमान मूर्ति मंदिर (Hanuman murti temple)

 

 

यह मुरादाबाद में एक हिंदू मंदिर है। यह क्षेत्र में पुराने और सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इसमें भगवान हनुमान की मूर्ति है। किंवदंतियों के अनुसार, भगवान हनुमान इस स्थान पर अवतरित हुए थे। मंदिर परिसर में भगवान राम, भगवान शिव, और माता पार्वती की भी मूर्तियां है, इसके अलावा मंदिर परिसर देवी दुर्गा, भगवान भैरो, साईं बाबा की भी मूर्तियां है।

 

 

 

बुद्ध बाजार (Budh bazar)

 

बुद्ध बाजार मुरादाबाद महानगर का मुख्य प्रमुख बाजार है। यहां मनुष्य के जरूरत से संबंधित सभी सामान थोक व फूटकर में मिलता है।

 

 

 

 

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