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मुन्नार दर्शनीय स्थल – मुन्नार केरल का हिल्स स्टेशन – चाय बागानो की सुंदरता

भारत का राज्य केरल अपने खुबसूरत पर्यटन स्थलो के लिए विश्व भर जाना जाता है। केरल राज्य के इडुकी जिले में स्थित तथा दक्षिण भारत के लोकप्रिय हिल्स स्टेशनो में शुमार मुन्नार की अलग ही शान है व पहचान है। केरल के इडुकी जिले में तीन नदियो मधिरापुझा, नल्लठन्नी तथा कुडाली के संगम तट पर बसे इस खुबसूरत हिल्स स्टेशन मुन्नार दर्शनीय स्थल इतने रमणीक व सुंदर है कि सैलानी अपने आप इनकी ओर खिचे चले आते है। मुन्नार की समुंद्र तल से ऊचांई लगभग 1600 मीटर है। मुन्नार अपने हरे भरे चाय के बागानो के लिए भी प्रसिद्ध है। मुन्नार की दहलीज पर कदम रखते ही खुबसूरत व घने चाय के बागान आपका मन मोह लेगें। मुन्नार में आपको कई वाटर फॉल भी देखने को मिलेगें। मुन्नार में ही दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी अनाइमुडी जो लगभग 8841 फुट की ऊचांई पर स्थित है उसका भी भव्य नजारा भी आपको इसी रमणीक स्थल पर देखने को मिल सकता है। बहुत कम लोग ही जानते है कि दक्षिण भारत का पसंदीदा हिल स्टेशन मुन्नार नील कुरिंजी के फूलो के लिए भी मशहूर है। इस फूल की खासियत यह है कि यह 12 सालो में एक बार खिलता है। पिछली बार ये फूल अगस्त – सितम्बंर 2006में खिले थे। नीले रंग के इन फूलो की नीली आभा ने मुन्नार की ढलानो, पहाडियो और घाटियो को अपने रंग में रंग दिया था। दक्षिण भारतीय अनेक कवियो ने भी इन फूलो की सुंदरता में अनेक कविताए लिखी है। अब यह फूल अगले साल 2018 में खिलेगें और एक बार फिर 12 साल बाद यह घाटी नीले रंग में रंग उठेगी।

 

मुन्नार दर्शनीय स्थल
मुन्नार के सुंदर दृश्य

मुन्नार दर्शनीय स्थल

वैसे तो पूरा मुन्नार अपने आप में एक जिता जागता खुबसूरत स्थल है फिर भी मुन्नार दर्शनीय स्थल में अनेक ऐसे व्यू प्वांइट व खुबसूरत पर्यटन स्थल है जिनका में अपने पाठको को बताना जरूरी समझता हूं।

चाय बागान एंव संग्रहालय

मुन्नार के चाय बागान हजारो हेक्टेयर के क्षेत्रफल में फेले हुए है। यहा विश्व की सबसे बडी चाय कम्पनी “टाटा टी कम्पनी” की 26 फैक्ट्रीयां है। यदी आप मुन्नार यात्रा का प्रोग्राम बना रहे है तो चाय फैक्ट्री का दौरा जरूर करे। यहा आप चाय की ताजा चुनी हुई पत्तीयो को महकदार चाय में बदलते हुए देख सकते है। यहा आप चाय की चुस्कियो का स्वाद लेना भी न भूलें। किसी भी टाटा टी की एक फैक्ट्री के घुमने के लिए आप यहा टाटा टी के क्षेत्रीय कार्यालय से अनुमति प्राप्त कर सकते है। आपकी चाय में रूची बढ जाये तो यहा बने चाय संग्रहालय भी जरूर जाएं। जो विश्व में अपनी तरह का एक निराला संग्रहालय है। इसमें आप बीते जमाने में चाय प्रसंस्करण के काम में लाए जाने वाले उपकरणों, मशीनो आदि को देख सकते है। यानि मुन्नार मे चाय के वर्तमान और अतीत दोनो को देखा जा सकता है।

देवीकुलम

यह स्थान मुन्नार से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। देवीकुलम एक छोटा सा पहाडी स्टेशन है जहा आप दुर्लभ पेड -पौधे और जीवजंतु देख सकते है। यहा पर एक सीता देवी झील भी है जिसके बारे में मान्यता है कि इस झील में सीता जी ने डुबकी लगायी थी। इसलिए इसे पवित्र माना जाता है। झील के पास में ही सीता जी का मंदिर भी है। यह झील टाटा टी कम्पनी की एक टी स्टेट के अंदर है। इसलिए यहा तक आने के लिए टाटा टी कार्यालय से अनुमति लेनी पडती है।

टॉप स्टेशन

यह स्नान मुन्नार शहर से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मुन्नार का सबसे अधिक ऊचांई वाला स्टेशन है। टॉप स्टेशन यहा आये सैलानियो को खूब लुभाता है। यहा से आप केरल और तमिलनाडु के मैदानी भागो के खुबसूरत नजारे देख सकते है।

ऊटी के पर्यटन स्थल

मेघालय के पर्यटन स्थल

कौडेनाल तमिलनाडु का खुबसूरत पर्यटन स्थल

मेडुपट्टी बांध

यह स्थान मुन्नार दर्शनीय स्थल में बेहद खुबसूरत पिकनिक स्थल है। टॉप स्टेशन को देखने के बाद सैलानी यहा के मनोरम वातावरण में रम जाते है। सैलानी इस जगह पर बोटिंग का भी आनंद उठा सकते है। यहा से नजदीक में ही कुंडल बागान और झील है जहा तक सैलानी ट्रैकिंग करते हुए जा सकते है।

एराविकुलम नेशनल पार्क

मुन्नार दर्शनीय स्थल में अत्यधिक प्रसिद्ध यह पार्क विश्व प्रसिद्ध नीलगिरी तहर ( जंगली बकरियो ) के लिए जाना जाता है। नीलगिरी तहर बकरियो की प्रजाति कभी 50 के दशक में लुप्त होने की कगार पर पहुच चुकी थी। इन जंगल बकरियो की प्रजाति को इस नेशनल पार्क ने जीवन दान दिया है। वन्यजीव प्रेमी इन्हें देखने के लिए घंटो इस आभयारण्य की पहाडी ढलानो पर टकटकी लगाए रहते है। समुंद्र तल से लगभग 7000 फुट की ऊचांई पर स्थित इस नेशनल पार्क के सर्पीले रास्तो पर से गुजरते हुए आप को वन्य जीवन को करीब से देखने का अवसर तो मिलता ही है साथ में दिखाई देते है प्राकृति के अदभुत नजारे। जिन्हें आप वर्षो तक नही भूल सकते।

मुन्नार यात्रा के लिए कब जाएं

मानसून के बाद सितंबर से मई तक का समय यहा आने के लिए उपयुक्त है। मैदानी इलाको की धूल, प्रदूषण और भागम भाग से दूर दूधिया आवरण में नहाई मुन्नार की वादियां, पहाडियां  और मुन्नार दर्शनीय स्थल यहा आने वाले हर पर्यटक को अपने आकर्षण से सहज ही बांध लेते है। मुन्नार का मौसम साल भर ठंडा रहता है।गर्मियो में भी तापमान 20 डिग्री से ऊपर नही जाता । ऊचांई पर जैसे जैसे बढते है तो ठंड भी बढती जाती है। तो हम अपने पाठको को सलाह देना चाहेंगें की आप जब भी मुन्नार यात्रा पर आएं तो अपने साथ ऊनी कपडे रखना ना भूंले। सर्दियो में तो यहा का तापमान 2-4 डिग्री तक गिर जाता है।

मुन्नार कैसे जाएं

हवाई मार्ग द्वारा :- मुन्नार से निकटतम हवाई अडडा कोच्चि है। जो यहा से 135 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहा से मुन्नार आने के लिए टैक्सी आदि की व्यवस्था उपलब्ध है

रेल मार्ग द्वारा:- मुन्नार से निकटत रेलवे स्टेशन एर्नाकुलम है । जो लगभग दक्षिण भारत के सभी रेलवे स्टेशनो से जुडा है। यहा से भी आप टैक्सी द्वारा मुन्नार आसानी से पहुंच सकते है।

सडक मार्ग द्वारा:- बैंगलूर से खूबसूरत ड्राइव खासकर कोडै तक चढाई के बाद पश्चिमी घाटो से होते हुए मुन्नार तक आसानी से पहुंच सकते है।

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