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मुंबई के पर्यटन स्थल – मुंबई के दर्शनीय स्थल – मुंबई का इतिहास – खाना, मौसम, भाषा, संस्कृति – मुंबई की 20 रोचक जानकारी जो आप नही जानते होगें

प्रिय पाठको हम अपनी महाराष्ट्र टूरिस्ट यात्रा के दौरान महाराष्ट्र राज्य के कई प्रमुख पर्यटन स्थलो की सैर की ओर उनके बारे में विस्तार से जाना। अपनी इस पोस्ट में हम अपनी महाराष्ट्र यात्रा के अंतर्गत अपने पाठको को माया नगरी के नाम से प्रसिद्ध महानगर मुंबई के पर्यटन स्थल की सैर करेगें ओर उनके बारे में विस्तार से जानेगें। सबसे पहले जैसा कि हम आपको बताते आएं है कि जिस स्थल या स्थान की यात्रा पर जाना हो उसके इतिहास के बारे में जानना जरूरी होता है।

मुंबई का इतिहास

मुंबई महानगरी को महाराष्ट्र राज्य की राजधानी होने के साथ साथ भारत की आर्थिक राजधानी होने का भी गौरव प्राप्त है। ऐसी मान्यता है कि मुंबई का प्राचीन नाम ” हेपटेसिया ” ( 734 द्वीपों का शहर ) था। जिसकी खोज 150 ई° में प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता पिटोलमी ने की थी। सन् 1348 तक यहा पर हिन्दू शासको ने शासन किया तथा सन् 1534 तक यहा गुजराती मुसलमानो ने शासन किया था। उसके बाद यह शहर पुर्तगाल के कब्जे में आ गया । सन् 1668 में ब्रिटिश सरकार ने इसे ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकार में दे दिया।

मुंबई शहर तीन भागो में बटा है:-

  1. कोलाबा से एक ओर बांद्रा तथा दूसरी ओर सायन तक
  2. पश्चिम उपनगर बांद्रा से विरार तक

  3. पूर्वी उपनगर सायन से मुलुंड तक

मुंबई शहर में सभी धर्म एंव समुदाय के लोगो के बसने की वजह से इसे लघु भारत भी कहा जाता है। यहा मराठी, गुजराती, पारसी, सिंधी, उत्तर और दक्षिण यानी सभी अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ जीते है। और इसकी झलक मुंबई के पर्यटन स्थल में भी दिखाई पडती है। मुंबई नगरी जितनी हसीन ओर बडी है उतनी ही बडी संख्या मुंबई के पर्यटन स्थलो की है। आईये उन खुबसूरत दर्शनीय स्थलो की सैर करते है और उनके बारे में विस्तार से जानते है।

मुंबई के पर्यटन स्थल

गेटवे अॉफ इंडिया

मुंबई के पर्यटन स्थल में यह स्थान प्रमुख स्थान रखता है। ताजमहल होटल के सामने स्थित यह स्थल भारत का गौरव एंव पश्चिमी प्रवेशद्वार है। इसका निर्माण इंग्लैंड के शासक जार्ज पंचम तथा उसकी महारानी विक्टोरिया के भारत के आगमन की स्मृति में सन् 1911 में किया गया था। इस मजबूत स्तंभ में 8 खुले दरवाजे है। अब इसके ठीक सामने मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा स्थापित है। यहा से मोटर बोट द्वारा समुद्र की सैर करते हुए आप ऐलीफेंटा की गुफाओ को देखने जा सकते है।

मुंबई के पर्यटन स्थल
मुंबई के सुंदर दृश्य

सेंट जोंस चर्च

यह चर्च उन सैनिको की याद में 1857 में बनाया गया था। जो 1838 के सिंध अभियान और 1843 प्रथम अफगान युद्ध के दौरान शहीद हुए थे।

जहांगीर आर्ट गैलरी

यह गैलरी प्रिंस अॉफ वेल्स म्यूजियम के पास स्थित है। इस गैलरी का निर्माण सन् 1952 में सर कावसजी जहांगीर की स्मृति में किया गया था। इस आर्ट गैलरी में प्रसिद्ध चित्र कलाकारो की कलाकृतियो का प्रदर्शन किया जाता है।

प्रिंस अॉफ वेल्स म्यूजियम

यह संग्रहालय विलिंगडन सर्कल के निकट बना है। इसका निर्माण सन् 1905 में जार्ज पंचम की पहली भारत यात्रा की स्मृति में किया गया था। भारतीय मुस्लिम स्थापत्य शैली में बनाया गया यह संग्रहालय तीन भागो में बंटा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि यह देश के सर्वोत्तम संग्रहालयो में से एक है।

हुतात्मा चौक ( फ्लोरा फाउंटेन )

इस चौक का निर्माण सन् 1869 में मुंबई के तत्कालीन गवर्नर सर बार्टले के सम्मान में किया गया गया था। तब इसका नाम फ्लोरा फाउंटेन था। बाद में महाराष्ट्र राज्य आंदोलन में गोली से शहीद हुए लोगो की स्मृति में इसका नाम ” हुतात्मा चौक ” किया गया। यह स्थान खरीदारी के लिए प्रसिद्ध है। इसे मुंबई का ह्रदय भी कहा जाता है और यह मुंबई पर्यटन स्थल की सैर करने आने वाले सैलानियो का सबसे पसंदीदा खरीदारी का स्थान भी है। इसके आसपास मुंबई उच्च न्यायालय की इमारत, राजाबाई टावर, टाउन हॉल, एशियाटिक लाइब्रेरी भी दर्शनीय है।

महालक्ष्मी रेसकोर्स

मुंबई के पर्यटन स्थल की सैर पर आने वाले रेस के शौकिन लोगो के उपयुक्त स्थान है। महालक्ष्मी रेसकोर्स भारत के प्रमुख रेसकोर्सो में से एक है। यहा नवंबर से मार्च के मध्य हर रविवार को घोडो की रेस आयोजित की जाती है। रेस में बाजी खेलने वालो के लिए यह सबसे पसंदीदा जगह है।

मुंबई के पर्यटन स्थल
मुंबई के सुंदर पार्क

मणि भवन

मणि भवन मुंबई में अगस्त क्रांति मैदान के निकट बना है। यहां सन् 1917 से 1934 के बीच गांधीजी ने निवास किया था। यहा महात्मा गांधी के जीवन से जुडी कई सामग्रियां संग्रहीत है।

नरीमन प्वाइंट

चर्च गेट के समीप स्थित यह मुंबई का नया व्यापारिक केंद्र है। यहा आप एक्सप्रेस टावर, एयर इंडिया, मफतलाल हाउस, बजाज टावर, मित्तल टावर, विधान सभा जैसी अनेक भव्य इमारतें देख सकते है।

हैगिंग गार्डन पार्क

हैंगिंग गार्डन मालाबार हिल्स पर एक पहाडी ढलान पर स्थित है। यहा पहुंचने के लिए चौपाटी से बालकेश्वर तक बस या टैक्सी में जाना पडता है। यहा से सूर्यास्त का मनोरम दृश्य दिखाई पडता है।

कमला नेहरू पार्क

हैगिंग  गार्डन के सामने ही यह गार्डन है। इस पार्क का निर्माण सन् 1952 में पंडित जवाहरलाल नेहरू की धर्मपत्नी कमला नेहरू की स्मृति में किया गया था। इस पार्क को बुढिया के जूते के नाम से भी जाना जाता है। क्योकि यहा एक विशाल आकार का जूता बना है। जहा बच्चो के साथ साथ बूढे भी खेलना पसंद करते है।

नेहरू प्लेनेटेरियम ( वेधशाला )

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की स्मृति में बनाया गया यह प्लेनेटेरियम 27 हजार साल में पृथ्वी के किसी कोण से भूत, भविष्य अथवा वर्तमान के किसी भी समय के हर प्रकार के आकाश को प्रतिबिम्बित करता है। यहा खगोल शास्त्र से संबंधित भिन्न भिन्न कार्यक्रम भी प्रदर्शित किए जाते है।

रानी बाग चिडियाघर

इसे वीरमाता जीजाबाई भोंसले उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। सन् 1843 में स्थापित यह चिडियाघर भारत के प्रमुख चिडियाघरो में से एक है। यहा आप अनेक प्रकार के पशु पक्षी व जंगली जानवरो को देख सकते है।

बांद्रा

यह मुंबई के पर्यटन स्थल स्थान मेरी चर्च के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा आप बांद्रा के लिंकिंग रोड के बाजार में आधुनिक फैसन संबंधी वस्तुओ की खरीदारी कर सकते है।

जुहू चौपाटी

मुंबई के पर्यटन स्थल में महत्वपूर्ण स्थल है। यह समुद्र किनारे एक मनोरम पिकनिक स्थल है। हाल ही में यहा महाराष्ट्र सरकार द्वारा छत्रपति शिवाजी की आकर्षक मूर्ति स्थापित की गई है। यह स्थान अनेक होटलो से घिरा है। पर्यटन पर निकले खाने पीने के शौकिन यहा की प्रसिद्ध भेलपूरी अवश्य खाते है। जबकि तैरने के शौकिन यहा कई घंटो तक समुंद्र की लहरो के साथ अठखेलियां करते रहते है। यहा गीली रेत से बनाए घरौंदे बच्चो को खूब भाते है।

फिल्म सिटी

मुंबई के उपनगर गोरेगांव में बनाया गया फिल्म सिटी फिल्मी जरूरतो को पूरा करता है। यहा हर रोज निर्माणाधीन फिल्मो के सैट लगे रहते है। यहा आप अपने पसंदीदा अभिनेताओ को प्रत्यक्ष रूप से देख सकते है।

फैंटेसी लैंड

वैसे तो यह पार्क बच्चो के लिए बना है। लेकिन यहा बडे बूढे भी आना पसंद करते है। यह प्रात: 11 बजे से रात के 9 बजे तक खुला रहता है।

ऐस्सल वर्ल्ड

यह मुंबई का विशाल और अत्याधुनिक उपकरणो से सुसज्जित स्थान है। इसे डिजनीलैंड की तर्ज पर तैयार किया गया है। यहा मनोरंजन के लिए पूरा एक दिन भी कम लगता है।

मुंबई के पर्यटन स्थल
मुंबई के ऐतिहासिक स्थलो के सुंदर दृश्य

संजय गांधी नेशनल पार्क

यह पार्क बोरीवली स्टेशन के नजदीक बना है। यहा सैलानियो के आकर्षक का केंद्र सफारी पार्क और खिलौना ट्रेन है।

पवई लेक व विहार लेक

यह एक सुंदर पिकनिक स्थल है। जो मुंबई 20 किलोमीटर दूर है।

कन्हेरी गुफाएं

ये गुफाएं नेशनल पार्क से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इन गुफाओ का निर्माण दूसरी शताब्दी के मध्य में बौद्ध भिक्षुओ एंव संन्यासियो द्वारा किया गया था। यहा पर कुल 109 गुफाएं है।

मनोरी और गोराई

मुंबई के भीड भाड वाले समुंद्र तटो की अपेक्षा ये तट शांत व मनोहारी है। यहा जल व थल दोनो मार्गो द्वारा पहुंचा जा सकता है। मुंबई के उपनगर दहिसर से ये तट काफी नजदीक पडते है।

ऐलिफेंटा गुफाएं

ये गुफाएं गेटवे आफ इंडिया से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर एक छोटे से टापू पर बनी है। इस टापू पर मोटर बोटो द्वारा जाया जाता है। इन गुफाओ का निर्माण 7 वी शताब्दी में हिन्दू राजा द्वारा किया गया था। यहा ब्रह्मा विष्णु महेश की विशाल मूर्तिया दर्शनीय है। चूंकि ऐलिफेंटा चारो ओर से समुंद्र से घिरा हुआ एक टापू है। इसलिए यहा समुंद्री मार्ग द्वारा ही पहुंचा जा सकता है।

मुंबई के धार्मिक स्थल – मुंबई के पर्यटन स्थल में धार्मिक स्थलो का काफी महत्व है

हाजी अली दरगाह

प्रसिद्ध व्यापारी हाजी अली की याद में बनाई गई इस दरगाह तक पहुंचने के लिए आपको समुंद्र की लहरो के बीच बने पुल से जाना  पडेगा। इस स्थल की अपनी विशेष धार्मिक महत्ता है। यहा हर गुरूवार को काफी संख्या में श्रृद्धालु आते है।

सिद्धिविनायक मंदिर

मुंबई  में  स्थित  सिद्धिविनायक  मंदिर  हिन्दुओं  के  इष्ट,  प्रथम  पूज्य  भगवान  श्री  गणेशजी  का  प्रसिद्ध  मंदिर  हैं। यहाँ  प्रतिदिन  हजारों  श्रद्धालु  आते  हैं। इसमें  बहुत  ही  सुन्दर  निर्माण – कार्य  किया  गया  है। इसका  निर्माण  सन  1801  में  किया  गया  था। कहा  जाता  हैं  कि  यहाँ  मांगी  हुई  मन्नत  हमेशा  पूरी  होती  हैं,  इसके  आकर्षण  का  यह  मुख्य  कारण  हैं।  कई  बड़ी  हस्तियाँ  भी  यहाँ  आकर  अपने  कार्य  में  सफलता  का  आशीर्वाद  मांगती  हैं।

मुंबई के पर्यटन स्थल
मुंबई के धार्मिक स्थलो के सुंदर दृश्य

महालक्ष्मी मंदिर

महालक्ष्मी मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक मंदिर है। और यह हिंदू धर्म के लोगो के  लिए सबसे धार्मिक और दर्शनीय स्थल है। समुद्र के किनारे देसाई मार्ग के नजदीक है। मान्यता के अनुसार मंदिर के पीछे की दीवार पर लोग मनौति के सिक्के चिपकाते हैं। यहां हजारों सिक्के अपने आप चिपक जाते हैं। मंदिर के पीछे की तरफ कुछ सीढ़ियां उतरने के बाद समुद्र का सुंदर नजारा देखा जा सकता है।

मुंबा देवी मंदिर

मुंबा देवी मुंबई के भुलेश्वर में स्थित मंदिर है। मुंबा देवी नाम मराठी भाषा से निकल आया है। माना जाता है कि कोली लोगों ने मोमा देवी की स्थापना की थी। और इन देवी की कृपा से समुद्र  लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था। यह मंदिर धार्मिक पर्यटन स्थल  देखने लायक है

बाबुलनाथ मंदिर

बाबुलनाथ मंदिर भगवान शिव का बहुत प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर गिरगांव चौपाटी के नजदीक एक पहाड़ी पर स्थित है। और वहां एक बबूल का पेड़ है। और उसके नीचे भगवान शिव जी का मंदिर है। इसलिए भवन नाथ मंदिर कहा जाता है। मुंबई के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक मंदिर है। यह मंदिर धार्मिक दर्शनीय स्थल है।

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मुंबई का मौसम

मुंबई के पर्यटन स्थल की सैर के दौरान यहा गर्मी का अधिक सामना करना पडता है समुद्र के किनारे बसा होने के बावजूद भी यहा का तापमान गर्मियो में भी 42℃ से ऊपर तक चला जाता है। जिससे यहा काफी गर्मी पडती है। सर्दियों में भी यहा अधिक ठंड नही पडती है सर्दियो में मुंबई का तापमान न्यूनतम 18℃ तक रहता है। मानसून के मौसम में यहा बरसात अच्छी होती है।

मुंबई का खाना

मुंबई के पर्यटन स्थल भ्रमण के दौरान यहा के स्वाद का आनंद न ले तो यात्रा का मजा अधूरा रहता है। वर्तमान समय में मुंबई में देश के अनेक हिस्सो से आकर काफी संख्या में लोगो निवास किया है जिसके चलते यहा भारत के कई राज्यो के व्यंजनो का प्रचलन हो गया है। वैसे यहा का मुख्य मराठी भोजन में वड़ा पाव, श्रीखंड, भेलपूरी, पूरन पोली, पोहा, साबूदाना वड़ा, फिरनी, मालपुआ, कटिंग चाय आदि शामिल है।

मुंबई की भाषा

मुंबई के पर्यटन स्थल की सैर के दौरान यहा भाषा से होने वाली परेशानी का सामना नही करना पडता। मुंबई की मुख्य भाषा मराठी है। जो यहा सबसे अधिक बोली जाती है। गुजरात के समीपी राज्य होने के कारण यहा गुजराती भाषा भी काफी चलती है। बॉलीबुड हिन्दी फिल्मो का गढ होने के कारण यहा हिन्दी भाषा का प्रचलन भी काफी है। यहा के ज्यादातर लोग हिन्दी को अच्छी तरहा समझते और बोलते है। इसके अलावा यहा इंगलिस भी बोली जाती है।

मुंबई की 20 रोचक जानकारीयां
  • मुंबई के प्राचीन इतिहास के संकेत 250ई° पूर्व तक मिलते है।
  • एक समय में मुंबई इंगलैंड के द्वितीय प्रिंस चार्ल्स को दहेज के रूप में दिया गया था।
  • सन् 1661 में मुंबई की जनसंख्या मात्र दस हजार थी
  • सन् 2011 की जनगणना के अनुसार मुंबई की जनसंख्या 18414288 है।
  • वर्तमान समय में मुबंई भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला महानगर है।
  • मुंबई महानगर का नाम मुंबा देवी के नाम पर रखा गया है।
  • मुंबई महानगर को माया नगरी के नाम से भी जाना जाता है।
  • मुंबई को बम्बई और बॉम्बे भी पुकारा जाता है।
  • मुंबई भारत का सबसे बडा व्यापारिक केंद्र है।
  • मुंबई दुनिया के टॉप 10 व्यापारिक केंद्रो में गिना जाता है।
  • मुंबई का छत्रपति शिवाजी रेलवे स्टेशन भारत का सबसे पहला रेलवे स्टेशन है।
  • मुंबई में स्थित ताज होटल भारत का पहला फाइव स्टार होटल है।
  • भारत का पहला हवाई अडडा मुंबई का जुहू हवाई अडडा है।
  • मुंबई की नाइट लाइफ पूरे विश्व में मशहूर है। इसके बारे में कहा जाता है कि यहा रात 12 बजे दिन निकलता है तथा सुबह 6 बजे रात होती है।
  • मुंबई की पाव भाजी और भेलपूरी दुनिया भर में मशहूर है।
  • मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है।
  • भारत की जी डी पी में मुंबई का योगदान 5% है।

मुंबई कैसे पहुंचे

भारती की आर्थिक राजधानी तथा भारत का बडा महानगर होने के कारण मुंबई भारत वर्ष के सभी शहरो के साथ साथ हवाई मार्ग द्वारा दुनिया भर के देशो से जुडा है। रेलमार्ग व सडक मार्ग द्वारा भी मुंबई पूरे भारत वर्ष के रेल मार्ग और सडक मार्ग द्वारा भलिभांति जुडा है। कुल मिलाकर देखा जाये तो मुंबई के पर्यटन स्थल भ्रमण के दौरान यहा सवारी संबंधित परेशानियो का सामना नही करना पडता क्यो कि एक तो यहा की लोकल पब्लिक ट्रास्पोट्र सुविधा काफी अच्छी है। इसके अलावा आप यहा लोकल मुंबई टूर के लिए कैब बुक कर सकते है जो आपको नोरमल चार्ज में मुंबई भ्रमण करा देते है।

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