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पलनी हिल्स – मरूगन मंदिर पलानी – palani hills tourism – palani hills trekking

अगर आप मन घने जंगलो के भ्रमण की यात्रा के लिए कर रहा है और आप किसी ऐसे स्थान की तलाश कर रहे है जहा आप घने जंगलो में ट्रैकिंग करते हुए जंगली जानवरो पशु पक्षियो आदि को विचरते हुए देख सके या फिर आप जंगल की वनस्पतियो के प्रति रूची रखते है तो यह पोस्ट आपके ही लिए है जिसमे हम तमिलनाडू के घने जंगलो की ट्रेकिगं का आनंद उठा सकते है। जी हां हम बात कर रहे है एक घने जंगलो से सजी खुबसूरत पर्वत माला पलनी हिल्स कि जो बैंगलोर से 442 किलोमीटर दूर दक्षिण में पश्चिम – मध्य तमिलनाडू के डिंडिगुल जिले में पश्चिम की ओर स्थित है। तथा कोर्डकनाल से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पलनी हिल्स के मोडो में तमिल के प्यारे मरूगन ( मुस्कराहट के देवता ) के छ: निवासो में से एक छिपा हुआ है। इस हिल्स स्टेशन की खूबसूरती देखते ही बनती है। इस पहाडी पर पेड – पौधो की 20000 से भी ज्यादा किस्मे पाई जाती है। प्रतिवर्ष सैकडो सैलानी इसकी खूबसूरती का आनंद उठाने के लिए पलनी हिल्स की यात्रा पर आते है।

पलनी शहर

पलनी हिल्स पर्वतमाला में बसा पलनी शहर एक खुबसूरत स्थान है। पलनी का नाम तमिल भाषा के दो शब्द “पलम” व “नी” को मिलाकर बना है जिसका अर्थ क्रमश: “फल” व “आप” । इस नाम उद्गम का संबंध यहा स्थित प्रसिद्ध मरूगन मंदिर की प्रचलित किदवंती से प्ररेति माना जाता है। पलनी शहर अधिकांश इस मंदिर के लिए ही जाना जाता है।

पलनी हिल्स के सुंदर दृश्य
पलनी हिल्स के सुंदर दृश्य

पलनी हिल्स के दर्शनीय स्थल – palani hills tourism

भगवान मरूगन मंदिर

भगवान मुरूगन को पलनी शहर में दंडायुधपाणि स्वामी अर्थात “हाथ में डंडा वाले भगवान” के रूप में पूजा जाता है। यह तीर्थ स्थल पलनी हिल्स में पहाडी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। इसमें नौ विषैले पदार्थो को मिलाकर एक अत्यंत अनूठी मूर्ति बनाई गई है। जो कि विषेश रूप से दर्शनीय है। सुरसंहारम तथा तैपूसम जैसे उत्सवो पर लाखो की संख्या में श्रृद्धालु 1500 फुट की ऊचांई पर स्थित 649 सीढियो पर चढकर इस मंदिर तक पहुंचते है। बहुत से श्रद्धालु मुरूगन के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए अपने गाल छिदवाते है। यहा से आप पलनी शहर के विहंगम दृश्य जी भर कर देख सकते है।

शोला नाडु जंगल

यहा के जंगल तीन प्रकार के है। उष्णटिबंधीय, शीतोष्ण तथा ऊचांई पर पहाडी घास भूमि। इन जंगलो में घुमने तथा ट्रेकिंग करने का अपना ही मजा है। इन घने जंगलो में आप विभिन्न प्रकार की वनस्पतियो के साथ साथ यहा जंगली जानवरो पशु पक्षियो आदि को विचरते, आमोद – प्रमोद करते देख सकते है।

बाइसन वेल्स रिसॉर्ट

यह जगह पेडो के एक समूह को काटकर बनाई गई है। यहा से आप पहाड की ढलानो पर आस पास के जंगलो में सैर पर जा सकते है। यहा से प्रकृति पल पल अपने रूप बदलती दिखाई देती है। यदि आप भाग्यशाली है तो आपको सामने वाले पहाड पर स्थित शोला जंगलों में जंगली भैंसो का झुंड भी दिखाई दे सकता है।

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जंगली भैंसा

बाइसन वेल्स से थोडी दूर पर एक जल कुंड है। यहा सुबह सुबह जंगली भैंसे आते है। इसके समीप ही घाटी के पास एक आकर्षक झील है। उसके दूसरे किनारे में उठने वाले पहाड, घने जंगल बेहद खूबसूरत दिखाई देते है।

पलनी हिल्स कैसे पहुचे

यहा से निकटतम रेलवे स्टेशन कोडेकनाल रोड है। जो यहा से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहा पर किराए की टैक्सीयो की उत्तम व्यवस्था है । सडक मार्ग द्वारा भी आप यह स्थान कोडेकनाल से भलिभांति जुडा है। जिससे यहा आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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