Alvitrips

Touris place, religious place, history, and biography information in hindi
दिल्ली दर्शनीय स्थल – दिल्ली आकर्षक स्थल – दिल्ली ऐतिहासिक स्थल की रोचक जानकारी

दिल्ली दर्शनीय स्थल – दिल्ली आकर्षक स्थल – दिल्ली ऐतिहासिक स्थल की रोचक जानकारी

यमुना नदी के किनारे पर बसे महानगर दिल्ली को यदि भारत का दिल कहा जाए तो कोई अनुचित बात नही होगी। यह भारत गणराज्य की राजधानी है तथा भारत के मध्य में स्थित है। यह एक ऐसा शहर है जो देशी विदेशी नागरिको को अपने दिल में बसाता है। संभवत: इसलिए इस महानगर का नाम दिल्ली है। यहा पर सब देशो के दूतावास तथा हाई कमीशनो के कार्यालय है। इस ऐतिहासिक महानगर ने कई उतार चढाव देखे है। दिल्ली को बसाने में मुगल शासको का बहुत बडा योगदान रहा है। 15 से 17,वी शताब्दी तक मुसलमानो के अधीन रही दिल्ली का आधुनिक स्वरूप अंग्रेजो की देन माना जाता है। भारत के स्वर्णिम इतिहास को समेटे महानगर दिल्ली हमेशा से ही देशी विदेशी पर्यटको को लुभाता रहा है। अपने इस लेख में हम दिल्ली दर्शनीय स्थल, दिल्ली आकर्षक स्थल, दिल्ली टूरिस्ट पैलेस, दिल्ली भ्रमण, दर्शनीय स्थल इन दिल्ली के साथ साथ दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलो की सैर करेगें और उनके बारे में विस्तार से जानेगें।

 

दिल्ली दर्शनीय स्थल – दिल्ली के ऐतिहासिक स्थल

 

 

लाल किला

दिल्ली का लाल किला दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलो व दिल्ली दर्शनीय स्थल में सबसे महत्वपूर्ण इमारत है। अपने सौंदर्य व स्थापत्य कला के अनूठे उदाहरण के कारण दिल्ली का लाल किला विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसका निर्माण शहंशाह शाहजहां ने सन् 1638 में आरम्भ करवाया था, जो सन् 1648 में जाकर पूरा हुआ था। दिल्ली के लाल किले का क्षेत्रफल 2 किलोमीटर में फैला हुआ है। मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शाही स्नान गृह और रंग महल दिल्ली के लाल किले के मुख्य आकर्षण है। इसके अलावा यहा स्थित संग्रहालय में मुगलकाल के अस्त्र शस्त्र वस्त्राभूषण व चित्रकला की उत्कृष्ट कृतिया आज भी सुरक्षित है।

 

दिल्ली दर्शनीय स्थल के सुंदर दृश्य
दिल्ली दर्शनीय स्थलो के सुंदर दृश्य

 

दिल्ली जामा मस्जिद

जामा मस्जिद दिल्ली के लाल किले सामने स्थित है। यह मुगल स्थापत्य कला का जीता जागता उदाहरण है। दिल्ली जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहां ने सन् 1650 मे आरंभ करवाया था। सन् 1658 में दिल्ली जामा मस्जिद बनकर तैयार हुई थी। 40 मीटर ऊंची तथा तीन प्रवेशद्वार वाली इस मस्जिद में 25000 लोग एक साथ बैठकर नमाज अदा कर सकते है। इस मस्जिद के पूर्वी छोर से लाल किला बेहद आकर्षक दिखाई देता है। दिल्ली दर्शनीय स्थल में जामा मस्जिद का महत्वपूर्ण स्थान है। दिल्ली में घुमने आने वाले अधिकतर सैलानी यहा जरूर आते है।

 

 

पुराना किला

पुराना किला हमारे पौराणिक अतीत को अपने में समेटे है। माना जाता है कि इसे महाभारत काल में पाडवो ने बनवाया था। बाद में शेरशाह सूरी ने इसे अपनी पसंद से दोबारा बनवाया था। लाल किले की तरह यह किला भी 2 किलोमीटर की परीधी में फैला हुआ है। यह किला दिल्ली आने वाले सैलानियो को आकर्षित किए बिना नही रहता। इस किले के पास ही एक झील स्थित है। जहां नौका विहार का भरपूर आनंद उठाया जा सकता है। इसके पास ही में चिडियाघर व अप्पूघर भी जहा भी सैलानी जाते है।

 

हजरत निजामुद्दीन का मकबरा

हजरत निजामुद्दीन का मकबरा जिसे हजरत निजामुद्दीन दरगाह के नाम से भी जाना जाता है। यह मुसलमानो का पवित्र तीर्थ माना जाता है। इसे मुहम्यद तुगलक ने सन् 1324-51 में बनवाया था। यही पर शाहजहां की बेटी जहांआरा बेगम की कब्र है। उर्स के दिनो में यहा कव्वालियो का आयोजन भी होता है। इसी के पास में हजरत निजामुद्दीन मरकज भी है। जहां इस्लाम का तब्लीगी काम काज होता है।

 

हुमांयू का मकबरा

यह मकबरा मथुरा रोड पर स्थित है। तथा हजरत निजामुद्दीन दरगाह से कुछ ही फासले पर है। इस मकबरे का निर्माण शहंशाह अकबर की माता बेगम हमीदा ने सन् 1564-73 में करवाया था। इस मकबरे में हुमायूं, हुमायूं की पत्नी, दारा शिकोह, फारूक शायर व आलमगीर द्वितीय की भी कब्रे है। दिल्ली दर्शनीय स्थल में इसे मुगलो का कब्रीशतान के रूप में भी जाना जाता है।

 

सफदरजंग का मकबरा

सफदरजंग अवध का दूसरा नवाब था, और सन् 1739 में अपने चाचा सादत खान का उत्तराधिकारी बना था। सफदरजंग की मृत्यु सन् 1753 में हुई थी। सफदरजंग का मकबरा सन् 1753 में बनना आरंभ हुआ था। और इसके बनने में कई साल लगे थे।

 

फिरोजशाह कोटला

फिरोजशाह कोटला, सम्राट फिरोशाह तुगलक ने सन् 1354 में निर्मित करवाया था। यहा पर 36 फुट 8 इंच लंबा अशोक स्तंभ भी है। इसके चारो ओर 30 फुट चौडी दीवार है।

 

कुतुब मीनार

दिल्ली के महरौली में स्थित कुतुबमीनार विशेष रूप से देखने लायक है। दिल्ली दर्शनीय स्थल में यहा काफी संख्या में पर्यटक आते है। इसके अलावा दिल्ली के ऐतिहासिक स्थल में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान है। कुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने करवाया था। पांच मंजिला इस मीनार का निर्माण नक्षत्रो के अध्ययन के लिए कराया गया था। यहा एक लौह स्तंभ भी है। जिसमे आजतक जंग नही लगा है। यह स्तंभ राजा चंद्र ने बनवाया था।

 

दिल्ली दर्शनीय स्थलो के सुंदर दृश्य
दिल्ली दर्शनीय स्थल के सुंदर दृश्य

 

जंतर मंतर दिल्ली

संसद मार्ग पर स्थित जंतर मंतर एक सुंदर वेद्यशाला है। इसे आब्जर्वेट्री भी कहा जाता है। इसका निर्माण सन् 1725 में जयपुर के राजा सवाई जयसिंह ने करवाया था। यह स्थल वैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

 

 

इंडिया गेट

दिल्ली का इंडिया गेट विश्व भर में प्रसिद्ध है। दिल्ली दर्शनीय स्थल में भी दिल्ली का प्रमुख पर्यटन स्थल है। इंडिया गेट को सन् 1921 में द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिको की याद में बनवाया गया था। इंडिया गेट 42 मीटर ऊंचा है। इस पर शहिदो के नाम भी अंकित है। यहा पर दिन रात अमर जवान ज्योति जलती है। इसके पास ही एक बोट क्लब भी है। जहां पर्यटक नौकायन का आनंद उठा सकते है। दिल्लीवासियो का यह साप्ताहिक पिकनिक स्थल भी है।

 

बिडला मंदिर

बिडला मंदिर को लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर कनॉट प्लेस से मुश्किल से 2 किलोमीटर दूर है। इसका निर्माण प्रसिद्ध उद्योगपति बिडला ने सन् 1938 में करवाया था। यह मंदिर देश भर में प्रसिद्ध है। दिल्ली भ्रमण पर आने वाले सैलानियो को यह खूब आकर्षित करता है।

 

 

तुगलकाबाद का किला

दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में स्थित तुगलकाबाद का किले का निर्माण ग्यासुद्दीन तुगलक ने सन् 1324 में करवाया था। इसमे 13 दरवाजे 7 तालाब तथा एक कुआं है। यह कुआं लगभग 80 फुट गहरा है। यह किला दिल्ली के ऐतिहासिक इमारतो में शुमार है।

 

कालकाजी मंदिर

 

दिल्ली के नेहरू प्लेस में स्थित कालकाजी मंदिर, मां काली को समर्पित एक प्रमुख मंदिर है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। तथा मुख्य देवता के रूप में यहा काली माता की मूर्ति स्थापित है। नवरात्रो के समय यहा भक्तो की काफी भीड होती है। दिल्ली दर्शनीय स्थल में यह मुख्य धार्मिक स्थल के रूप में भी जाना जाता है।

 

 

लोटस टेम्पल

कालकाजी मंदिर के पास पश्चिम की ओर लोटस टेम्पल है। कमल के फूल की तरह बने इस मंदिर को “बहाई मंदिर” भी कहा जाता है। 80 के दशक में बना यह कमलाकृति मंदिर पर्यटको के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। दिल्ली के पर्यटन स्थलो में यह प्रमुखता के साथ देखा जाता है।

 

 

योगमाया का मंदिर

महरौली में स्थित इस मंदिर का निर्माण युधिष्ठिर ने करवाया था। कहा जाता है कि जब कंस ने योगमाया को पृथ्वी पर पटकर मारना चाहा था, तो वह उसके हाथ से छूटकर आकाश में चली गई थी। और उसने कंस को श्रीकृष्ण के गोकुल में जन्म लेने का समाचार दिया था। आकाश से योगमाया इसी स्थान पर गिरी थी।

 

 

कात्यायनी मंदिर

यह मंदिर दिल्ली के महरौली में स्थित है। तथा सफेद संगमरमर से बना हुआ है। इस मंदिर की भव्य मूर्तिया देखने लायक है।

 

 

राष्ट्रीय संग्रहालय

राष्ट्रपति भवन के समीप बने राष्ट्रीय संग्रहालय की नीव सन् 1958 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी। इस संग्रहालय में पत्थर धातु एवं विशिष्ट लकडियो से बनी कलात्मक वस्तुएं देखने लायक है।

 

राष्ट्रपति भवन

देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी राष्ट्रपति का आवास राष्ट्रपति भवन कनाट प्लेस से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। यह भवन अपनी भव्यता व मुगल गार्डन के लिए प्रसिद्ध है।

 

तीनमूर्ति भवन

किसी समय में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आवास स्थल रहा तीनमूर्ति भवन अब एक संग्रहालय का रूप धारण कर चुका है। यहा एक पुस्तकालय भी है। जिसमे लगभग 30 हजार पुस्तकें है। इस भवन के भीतर ही नेहरू तारामंडल है। इसमें खगोल संबंधी कार्यक्रम एवं गतिविधियां देखी जा सकती है।

 

 

संसद भवन

यह देश की राजनीति का मुख्य केंद्र है। संसद भवन का निर्माण ब्रिटिश सरकार ने सन् 1927 में करवाया था। राष्ट्रपति भवन के समिप स्थित इस भवन का व्यास 171 मीटर है। यह भवन वास्तुशिल्प का स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

 

 

डॉल्स म्यूजियम

दिल्ली के बहादुरशाह जफर मार्ग पर स्थित इस म्यूजियम में देश विदेश की लगभग 80 हजार गुडियाओ का संग्रह है। इस संग्रहालय की स्थापना मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर पिल्लै द्वारा सन् 1965 में की गई थी।

 

 

प्रगति मैदान

प्रगति मैदान दिल्ली की शान है। यह राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय प्रदर्शनियो का केंद्र है। तथा दिल्ली दर्शनीय स्थलो में सबसे अधिक देखा जाने वाला स्थान है। यहा विभिन्न राज्यो के भव्य भवन बने हुए है। जहा हर साल नवंबर के महीने में विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनियो व सांकृतिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है। साल भर में बीच बीच में भी ओटो एक्पो जैसी अनेक प्रदर्शनिया यहा लगाई जाती है।

 

अप्पूघर

अप्पूघर हर आयु के पर्यटको के लिए आकर्षण का केंद्र है। बच्चो के लिए बनाया गया यह स्थान बडे बूढो का भी मनोरंजन करता है। यहा लगे विभिन्न प्रकार के झूले दिल्ली की सैर पर आने वाले पर्यटको को खूब लुभाते है।

 

दिल्ली पर्यटन पर आधारित हमारे यह लेख भी जरूर पढे:—

दिल्ली का लाल किला

जामा मस्जिद दिल्ली का इतिहास

लोटस टेम्पल का इतिहास

कुतुब मीनार का इतिहास

हुमांयूं का मकबरा का इतिहास

अक्षरधाम मंदिर का इतिहास

 

 

चिडियाघर

दिल्ली का चिडियाघर दिल्ली का ज्योलॉजिकल पार्क है। इसका निर्माण सन् 1959 में किया गया था। यहा विभिन्न जातियो के जीव जंतु व पशु पक्षी देखे जा सकते है। यह गर्मियो में सुबह 8 बजे से सायं 6 बजे तक तथा सर्दियो में सुबह 9 बजे से सांय 5 बजे तक खुला रहता है।

 

 

अक्षरधाम मंदिर

भारत की राजधानी के ललाट पर जगमगाता लगभग 100 एकड में फैला अक्षरधाम अद्भुत शिल्पकलाओ की एक ऐसी सम्मोहक प्रस्तुति है जो भारतीय संस्कृति की प्रमाणित धरोहर है। तथा दिल्ली दर्शनीय स्थल में महत्वपूण स्थल है। अक्षर धाम के भव्य व विशाल परिसर में अनेक दर्शनीय स्थल है जैसे– दशद्वार, भक्तिद्वार, मयूर द्वार, श्रीहरि चरणारविंद, अक्षरधाम महालय, भव्य मूर्तियां, गजेंद्र पीठ, यज्ञ पुरूष कुंड, संगीतमय फव्वारे, अक्षरधाम घाट, भारत उपवन आदि।

 

 

दिल्ली दर्शनीय स्थल के सुंदर दृश्य
दिल्ली दर्शनीय स्थलो के सुंदर दृश्य

 

लोधी गार्डन

लोधी गार्डन दिल्ली के टूरिस्ट पैलेस में पर्यटको के लिए एक उपयुक्त पिकनिक स्थल है। यहा प्रकृति की मनोहर छटा देखते ही बनती है। इस गार्डन में मुहम्द शाह का मकबरा, बडा गुम्बद, शीश गुम्बद और सिकंदर शाही मकबरा नाम की चार इमारते है। जो विशेष रूप से दर्शनीय है।

 

राजघाट

अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की समाधि उनके सादे एवं संघर्षपूर्ण जीवन का स्मरण कराती है। यहा हरे भरे बाग भी है। जहा सैलानी यहा के मोहक वातावरण का लुत्फ उठासकते है। राजघाट के निकट ही गांधी संग्रहालय है। जहा महात्मा गांधी से संबंधित कई वस्तुओ का अनूठा संग्रह पर्यटको को लुभाता है। राजघाट के पास ही पंडित जवाहर लाल नेहरू की समाधि शांति वन, लाल बहादुर शास्त्री की समाधि विजय घाट एवं श्रीमति इंदिरा गांधी की समाधि शक्ति स्थल भी देखने योग्य है।

 

मैट्रो ट्रेन

राजधानी दिल्ली के गर्भ से बाहर निकलकर कई फुट ऊंचे खंभो पर धडधडाती मैट्रो रेल की सवारी अपने आप में अनोखा मजा है। यदि आप दिल्ली घूमने के लिए आएं तो मैट्रो ट्रेन में अवश्य बैठे। इसकी सवारी आप कई वर्षो तक नही भूल पाएगें।

 

गुरूद्वारा शीशगंज साहिब

गुरुद्वारा शीश गंज साहिब दिल्ली में मौजूद नौ ऐतिहासिक गुरुद्वारों में से एक है. गुरुद्वारा शीश गंज साहिब पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित है. 1783 में बघेल सिंह ने नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर की शहादत के उपलक्ष्य में इसका निर्माण किया था। दिल्ली दर्शनीय स्थल में यह काफी प्रसिद्ध है।

 

झंडेवालान मंदिर

झंडेवालान मंदिर एक प्राचीन हिन्दू मंदिर है जो झंडेवाली माता को समर्पित है। यह मंदिर झंडेवालान रोड, करोल बाग, दिल्ली, भारत में स्थित है। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध व देवी शाक्ति का प्रतिक है। मंदिर में पूरे साल भक्त माता के दर्शन हेतू बड़ी संख्या में आते है। इस मंदिर का नाम शाहजहां शासनकाल में रखा गया था जब शाहजहां ने प्रार्थना के रूप में देवी को झंडा अर्पित किया था। यहा पास ही में 108 फुट ऊंची हनुमान मूर्ति भी दर्शनीय है। जो दिल्ली दर्शनीय स्थल में काफी प्रसिद्ध है।

 

दिल्ली में खरीदारी

 

 

 

चांदनी चौक

यह बाजार जामा मस्जिद से सटा हुआ है। तथा इसकी गिनती दिल्ली के प्रमुख बाजारो में की जाती है। यह प्राचीन बाजार दिल्ली का एक महत्वपूर्ण स्थल है। थोक सामान की बिक्री के लिए इस बाजार में हमेशा रौनक रहती है। इस बाजार के समीप एक सुंदर पार्क है जो कंपनी गार्डन के नाम से जाना जाता है। खाने पीने का लुत्फ भी यहां उठाया जा सकता है। यहा पराठे वाली गली के पराठे मशहूर है। दही भल्ले, चाट पकौडी, जलेबी, फलूदा  आइसक्रीम के शौकिन यहा आकर अपना शौक पूरा कर सकते है। यहा कपडे की होल सेल के कई बाजार है। चांदनी चौक बाजार के निकट ही लाजपतराय मार्केट है जो इलेक्ट्रानिक आदि समान का थोक विक्रय बाजार है। यहा से पर्यटक सस्ते व वाजिब दामो में खरीदारी भी कर सकते है। यही निकट ही नई सडक एवं चावडी बाजार सदर बाजार भी खरीदारी के लिए काफी प्रसिद्ध है।

 

कनॉट प्लेस

यह दिल्ली का मुख्य आधुनिक बाजार है। जिसे अंग्रेजो ने सन् 1920-21 में बनवाया था। इसके चारो तरफ खरीदारी के लिए दुकाने है। जहा सबकुछ उपलब्ध है। यहा पर सुपर बाजार एवं भूमिगत पालिका बाजार है। जहा हर आयु वर्ग के लोग खरीदारी कर सकते है।

 

लाजपत नगर मार्केट

यह एक आधुनिक बाजार है। जहा सभी तरह का ब्रांडेड व अनब्रांडेड समान उचित दामो पर खरीदा जा सकता है।

 

सरोजनी नगर मार्केट

 

सरोजनीनगर मार्केट दिल्ली के बाजारो आधुनिक व स्सते कपडो की मार्केट है। यहा आप टॉप, जींस व शूज जैसे वेस्टर्न वियर के साथ साथ घरेलू बिस्तरो, परदे आदि की भी खरीदारी सस्ते व मुनासिब दामो पर कर सकते है।

 

 

 

दिल्ली दर्शनीय स्थल, दिल्ली के पर्यटन स्थल, दिल्ली टूरिस्ट पैलेस, दिल्ली भ्रमण, दिल्ली की सैर, दिल्ली आकर्षक स्थल, दिल्ली ऐतिहासिक स्थल, दिल्ली घुमाओ, दिल्ली में घुमने लायक जगह आदि शीर्षको पर आधारित हमारा यह लेख आपको कैसा लगा हमे कमेंट करके जरूर बताए। यह जानकारी आप अपने दोस्तो के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते है।

Leave a Reply