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डायना एडुलजी की जीवनी – डायना इडुल्जी महिला क्रिकेट टीम की कप्तान

डायना एडुलजी की जीवनी – डायना इडुल्जी महिला क्रिकेट टीम की कप्तान

डायना एडुलजी का जन्म 26 जनवरी 1956 को मुम्बई मे हुआ था। उनका जन्म एक पारसी परिवार में हुआ था। वास्तव मे डायना इडुल्जी भारत में महिला क्रिकेट के साथ ही बड़ी हुई। भारत में अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट का पहला टेस्ट मैच आस्ट्रेलिया टीम के साथ 1975 में हुआ था। और डायना एडुलजी उस समय भारतीय टीम की सदस्य थी, और यह उनका पहला मैच था। उन्होंने 48 रन देकर आठ विकेट लिए और फिर नाबाद 48 रन बनाए। उनके खेल की शुरुआत धमाकेदार रही जो अगले बाईस सालों तक निरंतर जारी रही।

एक पारसी परिवार की लड़की में क्रिकेट में रुचि विकसित होना उनका हमेशा स्पोर्ट्स प्रति शौक, लगन थी। वह एक रेलवे कॉलोनी में रहते थी और हर रविवार को 10-12 लड़कों के साथ टेनिस, बास्केटबॉल, क्रिकेट खेला करती थी। इससे उन्हें खेल में दिलचस्पी लेने में मदद मिलती थी। इसलिए जब महिला क्रिकेट की शुरुआत क्रिकेट क्लब ऑफ़ इंडिया (CCI) 1971 में हुई, तो उन्होंने इसे आज़माया। उन्हें लगा कि नए खेल में अपनी पहचान बनाना बेहतर है।

डायना एडुलजी का जीवन परिचय


डायना इडुल्जी को बचपन से ही खेलने का बहुत शौक था। वे रेलवे कालोनी की सड़कों के साथ खेलकूद कर बड़ी हुई। उन्होंने राष्ट्रीय जूनियर स्तर पर बास्केटबॉल तथा टेबल टेनिस जैसे खेल खेले, बाद में वह क्रिकेट से जुड़ी। कुछ समय के लिए वह उस कैम्प में थी, जहां लाला अमरनाथ कोंचिग करते थे। उसके बाद उन्होंने मफतलाल निरिआन कैंप में हिस्सा लेकर क्रिकेट सीखा। डायना इडुल्जी आलराउंडर के रूप में मानी जाती है। उनके लेफ्ट आर्म स्पिनर बहुत बेहतरीन रहे है और वह कई बार सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज चुनी गई है। उन्हें अक्सर महिला क्रिकेट का बिशन सिंह बेदी कहा जाता था। महिला टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड डायना एडुलजी के ही नाम है। उन्होंने 23 मैचों में 87 विकेट लिए है। उनका रिकॉर्ड कोई तोड़ नहीं सका है।

डायना एडुलजी
डायना एडुलजी


डायना इडुल्जी ने भारत में महिला क्रिकेट से शुरु से ही जुड़कर उसका विकास होते देखा है। जब 1973 में आधिकारिक रूप से महिला क्रिकेट एसोसिएशन की स्थापना की गई और पहला चैम्पियनशिप मुकाबला 1974 में पुणे में हुआ था। इस टूर्नामेंट में मुम्बई की टीम विजयी हुई। ईसके बाद डायना एडुलजी ने 21 राष्ट्रीय चैम्पियनशिप मैचों में हिस्सा लिया है, जिनमें 14 बार उनकी टीम विजयी रही। वह 3 बार मुम्बई की टीम की ओर से खेली और 11 बार रेलवे की ओर से खेली।



डियना इडुल्जी भारतीय टीम के लिए लगातार 22 सालों त खेली। उन्होंने इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया, हॉलैण्ड, वेस्टइंडीज, डेनमार्क और आयरलैंड के विरुद्ध मैच खेले। उन्होंने तीन बार वर्ल्डकप मुकाबलों में खेला, जिनमें दो बार वह भारतीय महिला टीम की कैप्टन थी। 1976 में जिस भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के विरूद्ध टेस्ट श्रृंखला जीती थी, उस टीम की डायना भी सदस्य थी।



यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय महिला क्रिकेट वास्तव में डायना इडुल्जी का ऋणी है। महिला क्रिकेट एसोसिएशन ने उनके लिए बेनीफिट मैच खेलकर एक अलग प्रकार का अच्छा उदाहरण दिया। इस प्रकार किसी महिला क्रिकेट खिलाड़ी को पहली बार सम्मानित किया गया। डायना एडुलजी ने अपने खेल कैरियर के दौरान अनेक पुरस्कार जीते। 1979 में महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें शिव छत्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया। 1983 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार दिया गया। 1991 में डायना को महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया।



अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने पर, एडुल्जी पश्चिम रेलवे की एक वरिष्ठ खेल अधिकारी बन गई। वह 500 से अधिक एथलीटों और 40 खेलों की प्रभारी थीं। कभी भी अपने पुरुष समकक्षों के रूप में उच्च के रूप में नहीं माना जाता है, महिला खिलाड़ियों को एडुलजी के तहत एक आजीविका खोजने में सक्षम थे। यह देखने के लिए कि खिलाड़ियों को फायदा हुआ और उस खेल को कभी मजाक के रूप में नहीं लिया। नयी शुरुआत वह पश्चिमी रेलवे से सेवानिवृत्त हुई लेकिन भारत अभी उसे जाने देने के लिए तैयार नहीं था। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में उसका नाम BCCI प्रशासन पैनल में रखा, जिससे वह पैनल में एकमात्र क्रिकेटर – पुरुष या महिला – बना। 61 वर्ष की आयु में, एडुलजी एक नया करियर शुरू करने के लिए तैयार हैं।

खेल जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां


• डायना एडुलजी महिला क्रिकेट टीम में आलराउंडर के रूप में जानी जाती है।
• कई बार वह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज चुनी गईं है।
• महिला टेस्ट मैच में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड डायना के नाम है।
• डायना ने भारत में हुए प्रथम अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट टेस्ट मैच में 1975 में भारतीय टीम की ओर से आस्ट्रेलिया के विरूद्ध खेला था।
• उन्होंने अपने प्रथम टेस्ट मैच 1975 में आस्ट्रेलिया के विरूद्ध नाबाद 48 रन बनाए तथा 48 रन देकर छः विकेट लिए।
• डायना ने 21 राष्ट्रीय मैचों में भाग लिया है, जिनमें 14 बार उनकी टीम विजयी रही।
• वह तीन बार विश्व कप मुकाबलों में भी खेली।
• 1979 में महाराष्ट्र सरकार की ओर से उन्हें शिव छत्रपति पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
• 1983 में डायना एडुलजी को अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया।
• 1991 में डायना इडुल्जी को महाराष्ट्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार पुरस्कार प्रदान किया गया।

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