Alvitrips

Touris place, religious place, history, and biography information in hindi

कैलाशनाथ मंदिर कांचीपुरम – शिव पार्वती का नृत्य

भारत के राज्य तमिलनाडु के कांचीपुरम शहर की पश्चिम दिशा में स्थित कैलाशनाथ मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन और भव्य मंदिरो में से एक है। लाल बलुआ पत्थर से निर्मित यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्धारा एक संरक्षित स्मारक है। मंदिर के बाहर सुंदर हरित परिसर है। कैलाशनाथ मंदिर पल्लव कला का उत्कृष्ट नमूना है। मंदिर निर्माण में द्रविड वास्तुकला की छाप दिखती है। वास्तु के लिहाज से ये मंदिर महाबलीपुरम के समुद्रतटीय मंदिर से मिलता जुलता है।

कैलाशनाथ मंदिर के सुंदर दृश्य
कैलाशनाथ मंदिर के सुंदर दृश्य

कैलाशनाथ मंदिर का

इतिहास

कैालाशनाथ मंदिर की

कहानी – कैलाशनाथ

मंदिर का निर्माण कब

हुआ – कैलाशनाथ

मंदिर

का निर्माण किसने

करवाया

कैलाशनाथ मंदिर को आठवी शताब्दी में पल्लव वंश के राजा राजसिम्हा या नरसिंह वर्मन द्धितीय 700 ई° से 728 ई°  ने अपनी पत्नी की इच्छा पूर्ति करने के लिए बनवाया था। मंदिर का निर्माण 658 ई° मे आरम्भ हुआ और 705 ई° मे जाकर पूरा हो सका। मंदिर के अग्रभाग का निर्माण राजा के पुत्र महेंन्द्र वर्मन द्धितीय ने करवाया था। राजा की रूची संगीत नृत्य और कला में काफी गहरी थी। जो इस मंदिर में परिलक्षित होती है। कई लोग ये मानते है कि राजसिम्हा भगवान शिव के भक्त और संत प्रवृत्ति के थे। कहा जाता है कि भगवान शिव ने उन के सपने में आकर उसे मंदिर निर्माण की प्रेरणा दी थी। मंदिर में मूल आराध्य देव शिव के चारो ओर सिंहवाहिनी देवी दुर्गा, विष्णु समेत कुल 58 देवी देवताओ की मूर्तियां है। कैलाशनाथ मंदिर परिसर नैऋत्य कोण में बना है। और परिसर की पूर्व एंव उत्तर दिशा पूरी तरह से खुली है। इस प्रकार की स्थिति वास्तु का एक अनुपम उदाहरण है।
भीमशंकर ज्योतिर्लिंग की यात्रा

शिव पार्वती का नृत्य

मंदिर में देवी पार्वती और शिव की नृत्य प्रतियोगिता को दीवारो पर चित्रो में दर्शाया गया है। मंदिर का एकमात्र गोपुरम प्रवेशद्धार पूर्व दिशा में है।  मंदिर के ईशान कोण मे एक बहुत बडा तालाब है।  मंदिर सुबह सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक खुला रहता है।

कैलाशनाथ मंदिर के सुंदर दृश्य
कैलाशनाथ मंदिर के सुंदर दृश्य

वैकुंठ की गुफा:-

मंदिर के मुख्य गर्भ गृह में एक गुफा है। यहां के पुजारी बताते है कि इस गुफा को अगर पार कर लेते है तो आप बार बार जन्म के बंधन से मुक्त हो जाते और सीधे वैकुंठ की प्राप्ती होती है।

कैलाशनाथ मंदिर कैसे पहुँचे :-

कांचीपुरम तमिलनाडु के अन्य शहरों से सडक और रेल मार्ग दोनो से भलीभांति जुडा हुआ है। कांचीपुरम से सबसे नजदीकी हवाई अड्डा चेन्नई है। जो यहा से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

Leave a Reply