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कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल – कन्याकुमारी के टॉप 10 पर्यटन स्थल

कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल – कन्याकुमारी के टॉप 10 पर्यटन स्थल

भारत के तमिलनाडु राज्य में भारत की धरती के अंतिम छोर पर स्थित कन्याकुमारी एक खूबसूरत शहर है। यहा अरब सागर, हिन्द महासागर और बंगाल की खाडी का पानी एक दूसरे से आलिंगन करता है। कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल वैसे तो खास प्रसिद्ध नही है। लेकिन समुद्र का किनारा और भारत की धरती का अंतिम छोर होने के साथ साथ कन्याकुमारी वह स्थान है। जहां स्वामी विवेकानंद जी ने योग साधना की थी। इसे “केप कीमोरिन” के नाम से भी जाना जाता है। अपने इस लेख मे हम भारत के इस अंतिम छोर की यात्रा करगे। और इन सवालो के बारे में जानेगें कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल, कन्याकुमारी के पर्यटन स्थल, कन्याकुमारी भारत आकर्षक स्थल, कन्याकुमारी टूरिस्ट पैलेस, कन्याकुमारी टूरिस्ट डेस्टिनेशन, कन्याकुमारी कहां है, कन्याकुमारी कैसे पहुचे, कन्याकुमारी में कहा घुमें, कन्याकुमारी में देखने लायक स्थल। यदि आप इन्टरनेट पर इन सभी सवालो को सर्च कर रहे है तो हमारी यह पोस्ट आपके लिए ही है। इसमे हम आपको कन्याकुमारी के टॉप 10 पर्यटन स्थलो के बारे में विस्तार से बताएगें।

 

कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल

 

कन्याकुमारी के टॉप 10 पर्यटन स्थल

 

स्वामी विवेकानंद स्मारक

कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल में सबसे अधिक प्रसिद्ध विवेकानंद रॉक मेमोरियल कन्याकुमारी के एक छोटे से द्वीप पर स्थित है। यहा के सुरम्य हिंद महासागर में इसकी पृष्ठभूमि है और इसलिए पूरे विश्व से आने वाले पर्यटकों के लिए एक शांतिपूर्ण और शांत गंतव्य के रूप में जाना जाता है। यह लक्षद्वीप समुद्र के बाहर पेश करने वाले दो आसन्न चट्टानों में से एक पर स्थित है और इसमें ‘श्रीपाद मंडपम’ और ‘विवेकानंद मंडपम’ शामिल हैं। इन रॉक द्वीपों तक नौका की सवारी एक रोमांचक यात्रा है और इसलिए कई प्रकृति प्रेमियों और साहसिक उत्साही को आकर्षित करती है।

यहा मूर्ति शानदार वास्तुकला को दर्शाती है। और यह 1 9 70 में बनाया गया था और जब से ही यह एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण रहा है। जिस द्वीप पर प्रतिमा स्थित है, उस स्थान के बारे में कहा जाता है। यहां विवेकानंद ने ज्ञान प्राप्त किया था। श्रीपाद मंडपम का एक अध्ययन कक्ष और एक संग्रहालय है, जहां आप विवेकानंद के जीवन की खोज कर सकते हैं और उनके काम के बारे में जान सकते हैं। यह मंडप अपनी पवित्रता पर बल देने के साथ-साथ आध्यात्मिक महत्व और स्मारक को जोड़ता है। ध्यान और आत्मनिरीक्षण के लिए यह एकदम सही स्थान है। अपने शांत परिवेश और राजसी निर्माण के साथ, विवेकानंद स्मारक एक अविस्मरणीय अनुभव है। लोकप्रिय रॉक स्मारक वावथुरै में स्थित है और स्वामी विवेकानंद के सम्मान में बनाया गया था।

ऐतिहासिक कहानियों और किंवदंतियों के अनुसार, यह माना जाता है कि देवी कुमारी ने इस चट्टान पर तपस्या की थी। एक ‘ध्यान मंडपम’ स्मारक के पास स्थित है जो ध्यान करने वालों के लिए ध्यान कक्ष के रूप में कार्य करता है। यहां दिए गए आर्किटेक्चर की शैली विशिष्ट है और पूरे भारत में विभिन्न मंदिर शैलियों को शामिल किया गया है।

 

कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल के सुंदर दृश्य
कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थलो के सुंदर दृश्य

 

तीरूवल्लवर प्रतिमा

तिरुवल्लुवर प्रतिमा, कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल में
सिद्ध दार्शनिक और कवि थिरुवल्लुवर को समर्पित है, यह खूबसूरत मूर्ति कन्याकुमारी के निकट एक छोटे से द्वीप पर स्थित है। तिरुवल्लुवर साहित्य की दुनिया में एक महान लेखक थे। इस प्रतिमा का निर्माण कार्य 1990 में शुरू हुआ और 1999 के अंत में पूरा हो गया। यह प्रतिमा 133 फीट ऊची है। जो 38 फीट के आसन पर स्थित है।

पानी से घिरा यह मूर्ति स्थल एक आदर्श स्थान पर बसा है, और छोटी नौका की सवारी से यहा आसानी से पहुचा जा सकता है। मूर्ति के परिसर में एक मंदिर भी है, जो ध्यान के लिए एक विचित्र स्थान है। इस मंदिर का शांत वातावरण मन को प्रफुल्लित करता है।

 

कन्याकुमारी मंदिर

कन्याकुमारी के समुद्र तट पर स्थित यह मंदिर देवी कन्याकुमारी को समर्पित मंदिर है। जो देवी पार्वती का ही स्वरूप मानी जाती है। इस मंदिर पर दर्शन हेतु भक्त और सैलानीयो का आना जाना लगा रहता है।

 

गांधी स्मारक

कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल में काफी प्रसिद्ध स्थान है। यह स्मारक कन्याकुमारी मंदिर के पास ही स्थित है। कभी यहा गांधी जी के अस्थिकलश को रखा गया था। इसलिए इस जगह को गांधी स्मारक का नाम दिया गया। इस स्मारक में आप गांधी जी के जीवन से संबंधित कई चिजो के दर्शन कर सकते है।

 

उदयगिरी किला

यह किला कन्याकुमारी से 34 किलोमीटर दूर स्थित है। कहा जाता है कि इस किले का निर्माण राजा मार्तंड वर्मा ने 18वी शताब्दी में करवाया था। इस किले की संरचना और कलाशैली देखने योग्य है।

 

नागरकोइल

त्रिवेद्रम मार्ग पर लगभग 13 किलोमीटर दूर यहा का नागराज मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर में नागराज, भगवान शिव और भगवान विष्णु की प्रतिमाएं दर्शनीय व पूजनीय है।

 

सुचिंद्रम

कन्याकुमारी से 14 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर 9 वी शताब्दी में बना हुआ है। यह मंदिर अपने कलात्मक महत्व के लिए जाना जाता है।

 

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थिरपराप्पू फॉल्स

कन्याकुमारी से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, थिरपरापू फॉल्स के कैस्केडिंग जल में एक आकर्षक दृश्य के लिए बना है। यह झरना एक मानव निर्मित है और 50 फीट की ऊंचाई से गिरता है। नीचे एक विचित्र पूल में पानी इकट्ठा किया जाता है, जो विशेष रूप से बच्चों के लिए चारों ओर घूमने के लिए एक आदर्श स्थान है। यह हरे भरे पौधो और स्वदेशी जीवों से घिरा हुआ है, जो इसे प्रकृति प्रेमी स्वर्ग बनाते है

थिरपराप्पू के शांत पानी में नाव की सवारी का आनंद लें और आस-पास की प्राकृतिक सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध करती है। यह गंतव्य परिवार के साथ एक मजेदार भरा दिन का आनंद लेने के लिए एकदम सही स्थान है, और यहां बच्चों का एक शानदार समय होगा, गारंटी है।

 

कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल के सुंदर दृश्य
कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थलो के सुंदर दृश्य

 

कन्याकुमारी बीच

कन्याकुमारी का विशाल बीच देशी और विदेशी पर्यटको में बहुत प्रसिद्ध है। यह बीच कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थलो में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहा से सूर्यास्त और सूर्योदय का नजारा बहुत ही सूदंर दिखाई पडता है। जिसे कैमरे में कैद करने के लिए सैलानी भारी संख्या में यहा एकत्र रहते है।

पद्मनाभापुरम पैलेस

 

कन्याकुमारी के दर्शनीय स्थल में पद्मनाभापुरम पैलेस भारत के सबसे उत्तम महलों में से एक है जो कि देश की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह पूर्ववर्ती त्रावणकोर साम्राज्य का राजधानी था। और यह क्षेत्र के इतिहास का सही मायनो में प्रतीक रहा है। माना जाता है कि 16 वीं सदी में बनाया गया था, पद्मनाभापुरम महल कई अनूठी प्राचीन वस्तुएं और कलाकृतियों का घर है। इस महल के बारे में ध्यान देने योग्य बात क्या है कि पद्मनाभापुरम पैलेस पूरी तरह से लकड़ी से बना है और कोई अन्य सामग्री नहीं है। उत्तम लकड़ी के नक्काशियों और डिजाइनों से सजाए गए, पैलेस की सादगी यह एक सचमुच आकर्षक केंद्र है।

पद्मनाभापुरम पैलेस चार किलोमीटर लम्बी किले में स्थित है और कई वर्गों में विभाजित है, जिनमें से प्रत्येक का अपना ही महत्व है। पुरानी चीनी जार, विभिन्न प्रकार के हथियार, पीतल के लैंप, लकड़ी और पत्थर की मूर्ति, फर्नीचर और बड़े दर्पण, पेंटिंग, एक लकड़ी की खाट और एक पॉलिश पत्थर की खाट, सुरक्षित रखने के लिए पद्मनाभापुरम पैलेस में कई अद्वितीय लेख हैं। पद्मनाभापुरम पैलेस लगातार रोज़ सैकड़ों आगंतुकों को आकर्षित करती है। इसे अक्सर दुनिया के सबसे अच्छे 10 महलों में से एक के रूप में माना जाता है।

 

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